अध्यक्ष का संदेश
"देशभक्ति कोई एक दिन का उत्सव नहीं, हमारी दिनचर्या होनी चाहिए।"
जब हमने 2018 में इस पहल की शुरुआत की थी, तब हमें अंदाज़ा नहीं था कि 1 मिनट के राष्ट्रगान में इतनी शक्ति होगी कि वह पूरे शहर को एक सूत्र में बाँध देगा। तिरंगा चौक केवल एक स्थान नहीं है, यह हर उस नागरिक की आवाज़ है जो अपने देश से प्रेम करता है।
मेरा मानना है कि जब हम दिन की शुरुआत राष्ट्र के सम्मान के साथ करते हैं, तो हमारे काम में ईमानदारी और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी अपने आप बढ़ जाती है। हमारा यह छोटा सा प्रयास आज एक जन-आंदोलन बन चुका है, और यह यात्रा अभी शुरू ही हुई है।
Rajesh Yadav